सपनों में तुम

आज फिर सपने में तुम आई अपने जिस्म पर वही खुबसूरती की चादर ओढे   कमाल की बात है इतने सालों बाद भी अब तक दिमाग ने तुम्हारी तस्वीर ताज़ी रक्खी है   तुम्हें देखते ही झटपट गले लगाने को दिल किया पर देखो तो, सपने में भी इतनी हिम्मत ना हुई   बस हाथ [...]

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